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अयोध्या जंक्शन पर तैनात रेलवे अधिकारी के कारनामे बड़े निराले नौकरी के साथ-साथ बना भूमाफिया व ठेकेदार।


अयोध्या अभी जहां अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा खरीदी गई भूमि का विवाद खत्म ही नहीं हो रहा है वही रोज एक नए नए मामले सामने आ रहे हैं आपको बताते चलें कि अयोध्या जंक्शन रायगंज रेलवे स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक के पद पर तैनात महेंद्र नाथ मिश्रा कार्यरत है महेंद्र नाथ मिश्रा अयोध्या शहर के ही स्थाई निवासी भी हैं 20 से 25 वर्षों से अपने जुगाड़ू दम पर गृह जनपद में ही तैनाती बनाए हुए हैं स्टेशन अधीक्षक वर्तमान समय में अयोध्या जनपद के बड़े भू माफियाओं में बेशुमार जाने जा रहे हैं। हाल ही में इनके द्वारा अपने बेटे आलोक रंजन मिश्रा के नाम अयोध्या के माझा मीरापुर द्वाबा की बहुत बड़ी सम्पत्ति खाता संख्या 14 को अयोध्या जनपद के चर्चित भूमाफिया संगठन जो पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।स्टेशन अधीक्षक ने रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के विवादित विक्रेताओं रविमोहन तिवारी, हरीश पाठक कुसुम पाठक, सुल्तान अंसारी आदि लोगों के साथ उनके गिरोह में स्वयं व अपने बेटे आलोक रंजन मिश्रा व अपने शागिर्द रिशु पाण्डेय को शामिल करके दिनांक23 अप्रैल 2021 को व28अप्रैल2021को इन्ही लोगों के साथ अपने बेटे के नाम कई करोड़ रूपया लगाकर के विवादित भूमि खाता संख्या 14 जिसके कई मुकदमें जिला अधिकारी महोदय अयोध्या के न्यायालय में व दीवानी के न्यायालय में राजस्व परिषद के न्यायालय में विचाराधीन है उक्त विवादित भूमि प्राप्त जानकारी के अनुसार अयोध्या के बाईपास पर स्थित है जो कई सौ करोड़ की बताई जा रही है इन लोगों द्वारा उक्त विवादित भूमि को पन्द्रह करोड़ रुपए में एक नंबर में व 2 नंबर में पच्चीस करोड़ रुपए दे कर के विवादित भूमि का अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय की अध्यक्षता में बैनामा करवा लिया गया आपको बताते चलें कि स्टेशन अधीक्षक महेंद्र नाथ मिश्रा द्वारा दिनांक 29 अप्रैल 2021 को मेयर ऋषिकेश उपाध्याय व श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा से सांठगांठ करके 1 साल पहले खरीदी गई भूमि जो 48 लाखों रुपए में स्टेशन अधीक्षक ने स्वयं वअपनी पत्नी माधुरी मिश्रा के नाम 572 वर्ग मीटर रानो पाली बीएनपी देवकाली फैजाबाद के पास स्थित है को 29 अप्रैल 2021 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जनकल्याण न्यास को दो करोड़ रुपए में विक्रय किया गया। इस विक्रय के साथ-साथ स्टेशन अधीक्षक के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय से संबंध और मजबूत बताए जा रहे हैं। स्टेशन अधीक्षक महेंद्र नाथ मिश्रा ने पूर्व में खरीदी गई संपत्ति जो विवादित थी जिस पर कई मुकदमे विचाराधीन है एवं स्टेशन अधीक्षक के साथ-साथ इनकी बेटी अनामिका मिश्रा जो वर्तमान समय में सरकारी अध्यापक है व इनकी बहन सुशीला देवी जिनकी शादी सिद्धार्थनगर जिले में हुई है सभी लोगों के नाम से बैनामा लिया था जिस पर इनके ऊपर एफ आई आर बी अयोध्या जनपद के राम जन्मभूमि थाने में हुई थी ।उक्त मुकदमे में विचाराधीन संपत्ति को स्टेशन अधीक्षक ने कुछ लोगों के नाम एक रजिस्टर्ड एग्रीमेंट किया व विवादित संपत्ति को रजिस्टर एग्रीमेंट को दरकिनार करते हुए मेयर ऋषिकेश उपाध्याय से सांठगांठ करके 7 जून 2021 को मेयर के भांजे दीप नारायण उपाध्याय के नाम एक करोड़ 90 लाख रुपए में विक्रय कर दिया जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि सरकारी कर्मचारी के पास इतनी अथाह संपत्ति कैसे आई जो चर्चा का विषय बना हुआ है। इस भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ कई बार लोगों द्वारा शासन प्रशासन को शिकायत ही प्रार्थना पत्र भी दिया गया परंतु अपने जुगाड़ के दम पर स्टेशन अधीक्षक का कोई बाल भी बांका ना कर पाया है। आश्चर्य की बात यह है स्टेशन अधीक्षक ने अपनी पत्नी के नाम से एक फर्म ठेकेदारी की ओम साईं राम कंस्ट्रक्शन कंपनी भी बना रखी है जिससे रेलवे विभाग के कई जिलों में ठेका भी चला रहा है पूछताछ पर पता चला है कि स्टेशन अधीक्षक के खिलाफ कई लोगों ने शिकायती पत्र भी दिया है परंतु कोई कार्यवाही आज तक नहीं हुई है जो शासन प्रशासन के रवैया पर उंगली उठाने वाली बात साबित हो रही है।



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