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पर्यावरण सुधार सहित आय वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना महत्वपूर्ण


रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना की मार्गदर्शिका और वाणिज्यिक टिम्बर एवं औषधीय पौधों के रोपण हेतु ब्रोशर का विमोचन किया। उन्होंने इसके प्रकाशन पर वन विभाग को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर तथा संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि पर्यावरण सुधार सहित आय में वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना महत्वपूर्ण साबित होगी। यह योजना छत्तीसगढ़ में एक जून 2021 से लागू की गई है। योजना के अंतर्गत गैर वनीय क्षेत्रों में ईमारती, गैर इमारती, फलदार वृक्ष, बांस अन्य लघु वनोपज तथा औषधीय पौधों का वृहद पैमाने पर रोपण का महत्वपूर्ण प्रावधान है। इससे निजी क्षेत्र, कृषकों, शासकीय विभागों तथा ग्राम पंचायतों की भूमि पर ईमारती, गैर ईमारती प्रजातियों के वाणिज्यिक और औद्योगिकी वृक्षारोपण सहित कृषि वानिकी को प्रोत्साहन मिलेगा। इस तरह निजी तथा सामुदायिक भूमि पर वृक्षारोपण को बढ़ावा देकर काष्ठ का उत्पादन बढ़ाना है। साथ ही वनों में उपलब्ध काष्ठ पर जैविक दबाव कम करते हुए वनों को सुरक्षित रखा जाना भी है। योजना का लाभ लेने के लिए राज्य के सभी नागरिक, निजी भूमि उपलब्धता अनुसार तथा सभी ग्राम पंचायतों और संयुक्त वन प्रबंधन समितियां पात्र होंगे। 

मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जिन किसानों ने खरीफ वर्ष 2020 में धान की फसल ली हैे, यदि वे धान फसल के बदले अपने खेतों में वृक्षारोपण करते हैं, तो उन्हें आगामी 3 वर्षों तक प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसी तरह ग्राम पंचायतों के पास उपलब्ध राशि से यदि वाणिज्यिक वृक्षारोपण किया जाएगा, तो एक वर्ष बाद सफल वृक्षारोपण की दशा में संबंधित ग्राम पंचायतों को शासन की ओर से 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इससे भविष्य में पंचायतों की आय में वृद्धि हो सकेगी। इसके अलावा संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के पास उपलब्ध राशि से यदि वाणिज्यिक आधार पर राजस्व भूमि पर वृक्षारोपण किया जाता है, तो पंचायत की तरह ही संबंधित समिति को एक वर्ष बाद 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वृक्षों को काटने व विक्रय का अधिकार संबंधित समिति का होगा।

बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, आवास एवं पर्यावरण विभाग के अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव वन  मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  राकेश चतुर्वेदी, प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ  संजय शुक्ला, पीसीसीएफ (वन्यप्राणी)  पी.व्ही. नरसिंहराव, पीसीसीएफ वन विकास निगम  पी. सी. पाण्डेय, पीसीसीएफ वन अनुसन्धान  अतुल शुक्ला, कैम्पा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व्ही. श्रीनिवास राव उपस्थित थे।



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