Latest Headlines

ममता, सोनोवाल समेत कई दिग्गजों की किस्मत का फैसला आज, जानें कहां-किसकी प्रतिष्ठा दांव पर?


पांच राज्यों के चुनावी नतीजे रविवार को आज जाएंगे। किसे सत्ता मिलेगी और कौन सत्ता से दूर हो जाएगा इसका फैसला जनता ने ईवीएम में कैद कर दिया है। चुनाव भले ही पश्चिम बंगाल, असम, केरल पुडुचेरी और तमिलनाडु में हुए हो, लेकिन सबकी नजर बंगाल और असम पर होगी। पश्चिम बंगाल में जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की किस्मत पर फैसला होगा। वहीं,असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल दोबारा सत्ता में आने का दावा कर रहे हैं। 

एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने बंगाल जीतने को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी ,तो दीदी ने भी पूरी ताकत से चुनाव लड़ा। ममता बनर्जी के राजनीतिक भविष्य पर इस चुनाव के नतीजे क्या फर्क डालेंगे यह परिणाम आने के बाद तय हो जाएंगे। विशेषज्ञों के मुताबिक, भाजपा ने राज्य में अपने सारे संसाधन झोंक दिए हैं। इस सबके बाद भी ममता अगर सरकार बचाने में कामयाब रहती हैं, तो वह राष्ट्रीय स्तर पर मोदी सरकार विरोधी गठजोड़ का नेतृत्व करने की सबसे बड़ी दावेदार बन जाएंगी।

असम में भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। अगर असम में भाजपा लौटी तो सर्वानंद सोनोवाल कद बढ़ेगा। कांग्रेस की भी नजर इस राज्य पर टिकी हुई है। लगातार कई राज्यों में हार के बाद पार्टी को उम्मीद है कि असम से अच्छी खबर आएगी। तमिलनाडु में भी एआईएडीएमके और द्रमुक के बीच मुकाबला है। जयललिता की मौत के बाद से ही एआईएडीएमके के भीतर वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने कुछ ऐसे कदम उठाए कि वह चुनाव भले ही न जीत पाएं, लेकिन पार्टी पर उनकी पकड़ मजबूत हो जाए। राज्य में अपना जनाधार खो रही द्रमुक के लिए भी यह चुनाव काफी मायने रखता है। द्रमुक प्रमुख स्टालिन के सामने कई चुनौतियां है।

केरल में लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ के बीच हर पांच साल पर सरकारें बदलती रहती हैं। लेकिन, इस बार ज्यादातर एग्जिट पोल केरल में लेफ्ट फ्रंट की सरकार की वापसी दिखा रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो यह ऐतिहासिक होगा और विजयन इस जीत के साथ केरल की लेफ्ट विंग सियासत के ऐसे नेता हो जाएंगे, जिन्हें चुनौती देने वाला कोई नहीं होगा।

जानें कहां-किन नेताओं की जीत-हार पर रहेगी नजर

पश्चिम बंगाल : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी, केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो, भाजपा नेता मुकुल रॉय, टीएमसी नेता अब्दुल रज्जाक 

असम : मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, भाजपा नेता हेमंत बिस्वा शर्मा, अतुल बोरा,राम प्रसाद शर्मा, रकीब-उल-हुसैन

केरल : पिनरई विजयन, मेट्रो मैन ई श्रीधरन, के. सुरेंद्रन, पूर्व केंद्रीय मंत्री के जे अलफोंस , ओमन चांडी, के मुरलीधरण

तमिलनाडु : मुख्यमंत्री पलानीस्वामी, उप-मुख्यमंत्री ओ पनीरसेलवम, द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन, स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन, कमल हासन, अभिनेत्री खुशबू सुंदर

पुडुचेरी : एआईएनआरसी नेता एन रंगासामी, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ए वी सुब्रमण्यन, एआईएडीएमके नेता ए अंबलगन भाजपा नेता वी स्वामीनाथन और ए जोन कुमार 



Related posts

खास समुदाय को निशाना बनाने के लिए बीजेपी उठा रही है जनसंख्या का मुद्दा: शशि थरूर

admin

गया के विष्णुपद मंदिर की व्यवस्थाओं पर रोज 8000 रुपए खर्च होते हैं, लेकिन लॉकडाउन की चलते इनकम नहीं;

admin

 डीजल 100 के पार, इंडस्ट्री की फ्रेट इनपुट कॉस्ट में 30 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोत्तरी 

admin